औरों को हँसते देखो मनु हँसो और सुख पाओ, अपने सुख को विस्तृत कर लो, सबको सुखी बनाओ ! - कामायनी

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Tuesday, 24 May 2016

व्यंग्य सप्ताह : DAY 5


लेखकों की दुनिया - शरद जोशी / सूरज प्रकाश




रचनारत युवा शरद

शरद जी अपनी धर्मपत्नी इरफाना जी के साथ



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