औरों को हँसते देखो मनु हँसो और सुख पाओ, अपने सुख को विस्तृत कर लो, सबको सुखी बनाओ ! - कामायनी

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Monday, 9 December 2013

चुनाव आने पर...


पूँजीवादी जन के नेता
जनता के हृदय सम्राट
दर्शन दुर्लभ हो गए
पधारे पाँच साल बाद आप
लोकतंत्र की चाट बिक गयी
सारे दोने साफ़ पड़े हैं
देर लगा दी आने में
अब तुम केवल चटनी को चाटो
फिर भीड़तन्त्र की रेल में
रेवडियाँ बाँटो !

- राहुल देव

1 comments:

  1. क्या कहने...कटाक्ष भी मिठास लिए...!

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